Binnakandi Assembly Elections 2026: असम विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। यहां एक ही चरण में मतदान होगा। असम में भी 9 अप्रैल को केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले मतदान के साथ ही मतदान होगा। पूर्वोत्तर के राज्य असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2016 से सत्ता में है। हालांकि असम की बिन्नाकंडी विधानसभा सीट इस बार काफी चर्चा में है। यहां पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। फिलहाल असम में बिन्नाकंडी सहित कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सरकार किसकी होगी।
दबदबा कायम करने के लिए सभी दल तैयार
बता दें कि बिन्नाकंडी विधानसभा सीट का गठन 2023 में किया गया था, इस सीट पर पहली बार मतदान हो रहा है। बिन्नाकंडी विधानसभा सीट असम के होजाई जिले का हिस्सा है। बिन्नाकंडी विधानसभा सीट, काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसमें नौ अन्य विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। हालांकि इस सीट पर पहली बार चुनाव हो रहा है, ऐसे में इस सीट पर चुनाव जीतने के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंक चुके हैं।
चुनाव में कौन-कौन हैं आमने-सामने?
बिन्नाकंडी विधानसभा सीट पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (AIUDF) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उन्हें टक्कर देने के लिए असम गण परिषद (AGP) के उम्मीदवार सहाबुद्दीन मजूमदार और असम जातीय परिषद (AJP) के नेता रेजाउल करीम चौधरी भी पूरी तरह से तैयार हैं। तीनों नेताओं को एक-दूसरे से कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। इस त्रिकोणीय मुकाबले ने बिन्नाकंडी सीट के चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
AGP और AJP को AIUDF से मिलेगी टक्कर
दरअसल, AJP-कांग्रेस के साथ गठबंधन में है, जबकि AGP-भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है। इसके बावजूद, AIUDF के प्रत्याशी बदरुद्दीन अजमल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि 2005 में स्थापित AIUDF, जिन 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें से लगभग 25 सीटें जीतेगी। उन्होंने हाल ही में कहा था, "हम भाजपा को सत्ता से हटाना चाहते हैं। मैं सभी गैर-भाजपा पार्टियों से एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से हटाने का प्रयास करने का आग्रह करता हूं।"
हैट्रिक की ताक में बीजेपी, कांग्रेस को वापसी की आस
असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। भारतीय जनता पार्टी 2016 से असम में सत्ता में है। 2021 के पिछले चुनावों में भाजपा ने 60 सीटें जीतकर अपने गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से सरकार बनाई थी। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की बात करें तो असम कभी इस पुरानी पार्टी का गढ़ हुआ करता था। तरुण गोगोई के नेतृत्व में पार्टी 2001 से 2016 तक यहां सत्ता में रही। लेकिन अब विपक्ष में रहने के लगभग एक दशक बाद कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पार्टी तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है, जिन्हें जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है।